पूज्य स्वामी भीष्म जी महाराज की पुण्यतिथि
पूज्य स्वामी भीष्म जी महाराज भारतीय इतिहास के उन महान संत-विचारकों में से एक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, वैदिक धर्म के प्रचार और सामाजिक जागरण को समर्पित कर दिया।
हर वर्ष 08 जनवरी को उनकी पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई जाती है।
वैदिक राष्ट्र की कामना – स्वामी भीष्म जी का राष्ट्रगानात्मक संदेश
सदा सुख-शांति फैले मेरे भगवान दुनिया में,
फिर से बने हमारे वतन की शान दुनिया में।
व्रतधारी, सदाचारी बनें नर-नारी भारत में,
वेद विद्या पढ़ें, सीखें ज्ञान-विज्ञान दुनिया में।
दूध की नदियाँ बहें मेरे देश भारत में,
पशु, पक्षी, गौ-माता न हों कुर्बान दुनिया में।
एशिया से यूरोप तक फहराए ओ३म् का झंडा,
वेद-शिक्षा के हित भाई करें सब दान दुनिया में।
सकल विश्व के नर-नारी रहें स्वतंत्र होकर,
कहै “भीष्म” घर-घर हों वेद-व्याख्यान दुनिया में।
स्वामी भीष्म जी का परिचय
स्वामी भीष्म जी की गणना आर्य समाज तथा आधुनिक भारत के महान निर्माताओं में की जाती है।
उन्होंने भारत के सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक पुनर्जागरण में अतुलनीय योगदान दिया।
स्वामी जी ने आर्य समाज के अंतर्गत 80 से अधिक भजन मंडलियाँ तैयार कीं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से वेद प्रचार एवं राष्ट्र जागरण के लिए भेजा गया। हरियाणा सहित उत्तर भारत के अनेक राज्यों में इन मंडलियों ने अपार ख्याति अर्जित की।
राष्ट्र और समाज के लिए अतुलनीय योगदान
स्वामी भीष्म जी महाराज का योगदान बहुआयामी रहा—
🔹 वैदिक धर्म का प्रचार
उन्होंने जीवनभर वेदों के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाया और समाज को सनातन मूल्यों से जोड़े रखा।
🔹 राष्ट्रवादी चेतना
उनकी कविताएँ और विचार युवाओं में देशभक्ति, आत्मसम्मान और बलिदान की भावना जागृत करते थे।
🔹 स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका
स्वतंत्रता संग्राम के समय उन्होंने क्रांतिकारियों को वैचारिक, नैतिक और आध्यात्मिक बल प्रदान किया।
पुण्यतिथि का आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व
08 जनवरी को मनाई जाने वाली पुण्यतिथि—
उनके विचारों को स्मरण करने का दिन है
नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से परिचित कराने का अवसर है
समाज को आत्ममंथन और सेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है
इस दिन प्रेरणा सभाएँ, श्रद्धांजलि कार्यक्रम और विचार गोष्ठियाँ आयोजित की जाती हैं।
आज के युग में स्वामी भीष्म जी महाराज की प्रासंगिकता
आज के भौतिकवादी युग में स्वामी जी के विचार हमें सिखाते हैं—
सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना
संस्कृति और संस्कारों की रक्षा करना
समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना
उनका जीवन आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक प्रकाशस्तंभ है।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि
पूज्य स्वामी भीष्म जी महाराज की पुण्यतिथि पर हम सभी यह संकल्प लें कि—
हम उनके विचारों को केवल स्मरण नहीं करेंगे,
बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे।
ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
🙏 कोटि-कोटि नमन 🙏

1 Comment
Kunal Panchal
बहुत ही बढ़िया और उपयोगी जानकारी।